अफगानिस्तान के ड्राई फ्रूट और हाथरस की हींग बनी पसंद
-अनेक प्रकार के गुणवत्ता से भरपूर ड्राई फ्रूट मेले में उपलब्ध
-सब्जी में जायका के स्वाद बढ़ाने के साथ स्वास्थ्य वर्धक है हींग
सूरजकुंड(फरीदाबाद), फरवरी।
39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला में देश-विदेश की कला, संस्कृति और स्वाद का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मेले में आत्मनिर्भर भारत की थीम के तहत स्वदेशी उत्पादों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहभागिता भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। विशेष रूप से अफगानिस्तान के ड्राई फ्रूट और उत्तर प्रदेश के हाथरस की प्रसिद्ध हींग पर्यटकों की पसंद बनी हुई है।
मेला परिसर में अफगानिस्तान के स्टॉल पर बादाम, पिस्ता, अखरोट, काजू, किशमिश, अंजीर और मिक्स ड्राई फ्रूट की अनेक उच्च गुणवत्ता वाली किस्में उपलब्ध हैं। प्राकृतिक ये मेवे स्वाद और पोषण से भरपूर हैं। इनकी स्टॉल संचालकों ने बताया कि शुद्धता और गुणवत्ता के चलते ये उत्पाद पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। सूखे मेवे न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि ऊर्जा, प्रोटीन और आवश्यक विटामिन से भरपूर होने के कारण स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं। इसी तरह हाथरस की हींग भी सूरजकुंड मेला परिसर मेले में खास आकर्षण का केंद्र है। सब्जियों और दालों में तड़का लगाते समय थोड़ी सी हींग स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है। संचालकों ने बताया कि आयुर्वेदिक गुणों से युक्त हींग पाचन तंत्र के लिए लाभकारी मानी जाती है और गैस व अपच जैसी समस्याओं में सहायक होती है। स्टॉल संचालकों ने बताया कि शुद्ध और देसी हींग की मांग लगातार बढ़ रही है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और पर्यटन मंत्री डा. अरविंद कुमार शर्मा मेले के निर्देशन और मार्गदर्शन में हस्तशिल्प, हथकरघा, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां और पारंपरिक व्यंजन भी आगंतुकों को आकर्षित कर रहे हैं। परिवारों, युवाओं और पर्यटकों की भीड़ के बीच सूरजकुंड मेला सांस्कृतिक एकता और आत्मनिर्भरता का संदेश दे रहा है। यह आयोजन देश और विदेश के शिल्पकारों को वैश्विक मंच प्रदान कर उनके उत्पादों को नई पहचान दिला रहा है। शिल्पकारों ने सुव्यवस्थित प्रबंधन के लिए हरियाणा सरकार और सूरजकुंड प्रशासन का आभार व्यक्त किया।