विश्व यूनानी दिवस पर डिस्कवरी चैनल पर प्रसारित हुई ‘यूनानी की कहानी’, अभिनेता जिम सर्भ बने सूत्रधार

भारत, फरवरी 2026: विश्व यूनानी दिवस के अवसर पर अभिनेता जिम सर्भ द्वारा नैरेट की गई नई डॉक्यूमेंट्री ‘यूनानी की कहानी’ शाम 7:00 बजे डिस्कवरी चैनल पर विशेष रूप से प्रसारित की गयी। यह डॉक्यूमेंट्री यूनानी चिकित्सा को केवल एक पारंपरिक इलाज पद्धति के रूप में नहीं, बल्कि स्वास्थ्य को समझने और जीने की एक सोच के रूप में पेश करती है, जो आज के दौर में बढ़ती बीमारियों, जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं और अधूरे इलाज के तरीकों के बीच भी प्रासंगिक बनी हुई है।

हमदर्द लेबोरेटरीज के सहयोग से तैयार की गई ‘यूनानी की कहानी’ यूनानी चिकित्सा की उस यात्रा को दर्शाती है, जो प्राचीन ग्रीस से शुरू होकर भारत की धरती पर विकसित हुई। इस सफर के दौरान डॉक्यूमेंट्री कुछ बुनियादी सवाल उठाती है जैसे: स्वस्थ होने का असली मतलब क्या है? हम सिर्फ लक्षणों का इलाज क्यों कर रहे हैं, बीमारी को जड़ से ठीक क्यों नहीं कर पा रहे?

यह फिल्म यूनानी की मूल सोच को सामने लाती है, जिसमें शरीर, मन, आत्मा और पर्यावरण के बीच संतुलन को स्वास्थ्य की बुनियाद माना जाता है, न कि बीमारी को अलग-अलग करके देखा जाता है। डॉक्यूमेंट्री कोविड-19 जैसे दौर की भी याद दिलाती है, जब भारत ने सिर्फ आधुनिक चिकित्सा पर ही नहीं, बल्कि अपनी पुरानी उपचार पद्धतियों और रोकथाम के ज्ञान की ओर भी रुख किया।

जिम सर्भ की आवाज़ डॉक्यूमेंट्री को एक आधुनिक और जिज्ञासु अंदाज़ देती है, जो दर्शकों को सहजता से जोड़ती है और विषय को गहराई के साथ सामने रखती है।

अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए अभिनेता जिम सर्भ ने कहा, “‘यूनानी की कहानी’ का वर्णन करना मेरे लिए एक सीखने वाला अनुभव रहा। मैं यह देखकर गहराई से प्रभावित हुआ कि यह चिकित्सा पद्धति इतिहास, संस्कृति और संतुलन के साथ जीवन जीने की अवधारणा को कैसे जोड़ती है।”

डॉक्यूमेंट्री पर बात करते हुए हमदर्द लेबोरेटरीज के चेयरमैन और मैनेजिंग ट्रस्टी श्री अब्दुल मजीद ने कहा,“‘यूनानी की कहानी’ इलाज को एक बड़े विचार के रूप में देखने की कोशिश है, जहां सिर्फ लक्षणों पर नहीं, बल्कि संतुलन, रोकथाम और लंबे समय तक अच्छे स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाता है। विश्व यूनानी दिवस पर यह डॉक्यूमेंट्री दर्शकों को उस चिकित्सा पद्धति से दोबारा जुड़ने का अवसर देती है, जो समय के साथ विकसित हुई है, लेकिन आज भी प्रकृति और इंसानी समझ से जुड़ी हुई है। यूनानी चिकित्सा के ज़रिए हमारा प्रयास है कि लोग यह समझें कि स्वास्थ्य केवल टूटी चीज़ों को ठीक करने का नाम नहीं, बल्कि शरीर और मन के बीच संतुलन वापस लाने की प्रक्रिया है।”

डॉक्यूमेंट्री में हिप्पोक्रेट्स और इब्न सीना जैसे ऐतिहासिक नामों के साथ-साथ भारत के अग्रणी व्यक्तित्व हकीम अजमल ख़ान, हाफ़िज़ अब्दुल मजीद और हकीम अब्दुल हमीद की भूमिका को भी दर्शाया गया है, जिससे यह समझ आता है कि यूनानी चिकित्सा कैसे अलग-अलग सभ्यताओं और संस्कृतियों के प्रभाव से एक जीवंत प्रणाली के रूप में विकसित हुई।

इस डॉक्यूमेंट्री में आधुनिक चिकित्सा, आयुर्वेद, यूनानी, शैक्षणिक शोध और भारत के प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों के विचार भी शामिल हैं। इन विभिन्न दृष्टिकोणों के ज़रिए यह डॉक्यूमेंट्री दिखाने का प्रयास करती है कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था साथ-साथ कैसे आगे बढ़ सकती हैं। खास तौर पर युवा दर्शकों को ध्यान में रखते हुए, यह फिल्म स्वास्थ्य से जुड़े सवालों को गहराई और समग्र सोच के साथ समझाने की कोशिश करती है।
‘यूनानी की कहानी’, 11 फरवरी 2026, शाम 7:00 बजे, डिस्कवरी चैनल पर विशेष रूप से प्रसारित की गयी।