सूरजकुंड मेला में पार्टनर कंट्री मिस्र की शिल्पकला कर रही आकर्षित 

-सूडान, जॉर्डन, थाईलैंड, ट्यूनिशिया और कजाकिस्तान देशों की शिल्पकला के मुरीद हुए पर्यटक

सूरजकुंड (फरीदाबाद), 13 फरवरी।
सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला के 39वें संस्करण “अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव 2026” में इस वर्ष पार्टनर कंट्री मिस्र की पारंपरिक शिल्पकला पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। रंग-बिरंगे हस्तनिर्मित कालीन, पेंटिंग, धातु नक्काशी, कांच शिल्प और पारंपरिक आभूषणों ने पर्यटकों को विशेष रूप से प्रभावित किया है। मिस्र के शिल्पकारों ने अपनी प्राचीन सभ्यता की झलक शिल्प के माध्यम से प्रस्तुत कर मेले की अंतर्राष्ट्रीय पहचान को और सशक्त बनाया है।

सूरजकुंड मेला परिसर मेला परिसर में सूडान, जॉर्डन, थाईलैंड, ट्यूनिशिया और कजाकिस्तान सहित अनेक देशों की शिल्पकला भी पर्यटकों को लुभा रही है। सूडान की हस्तनिर्मित टोकरी और लकड़ी शिल्प, जॉर्डन की शिल्पकला, थाईलैंड की रेशमी वस्त्र कला, ट्यूनिशिया की सिरेमिक कारीगरी तथा कजाकिस्तान के ऊनी परिधान और पारंपरिक सजावटी सामान मेला में आने वाले लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। विदेशी शिल्पकारों के स्टॉल पर दिनभर खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और पर्यटन मंत्री डा अरविंद कुमार शर्मा के निर्देशन और मार्गदर्शन में आयोजित किए जा रहे सूरजकुंड मेला में देशभर के शिल्पकार भी अपने हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर रहे हैं। वहीं हरियाणा की लोक संस्कृति, पारंपरिक व्यंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम मेला की शोभा बढ़ा रहे हैं। यह मेला लोकनृत्य, संगीत प्रस्तुतियां और सांस्कृतिक आयोजन के लोक कलाकारों को वैश्विक मंच पर प्रदान कर रहा है रहे। पर्यटक परिवार सहित मेले में पहुंचकर न केवल खरीदारी का आनंद ले रहे हैं, बल्कि विभिन्न देशों की कला और संस्कृति को नजदीक से जानने का अवसर भी प्राप्त कर रहे हैं।