सूरजकुंड मेले में सुप्रसिद्घ गायक अशोक मस्ती ने दर्शकों को किया मदमस्त

- पंजाबी गीतों के साथ-साथ हिंदी फिल्मों के गीतों की जोरदार प्रस्तुती पर नाचे दर्शक

- मस्तीभरे गीतों से मेले में आए पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर एकाएक खींचा

सूरजकुंड (फरीदाबाद), 13 फरवरी।
सूरजकुंड में आयोजित 39 वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर हस्तशिल्प मेले में वीरवार की शाम सुप्रसिद्घ पंजाबी गायक अशोक मस्ती के नाम रही। यहां बड़ी चौपाल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में उन्होंने अपनी सुरीली आवाज और मस्तीभरे गीतों से मेले में आए पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर एकाएक खींचा। देखते ही देखते यहां लोगों का भारी मेला लग गया और बड़ी चौपाल खचाखच भर गई। उन्होंने पंजाबी के साथ-साथ हिंदी गीतों की भी यादगार व जोरदार प्रस्तुती दी। उन्होंने जैसे ही हिन्दी फिल्म याराना फिल्म का गीत तेरे जैसा यार कहां, कहां ऐसा याराना- याद करेगी दुनिया, तेरा-मेरा अफसाना, गीत शुरु किया तो यहां पर बैठे युवा मस्ती में झूमने लगे।

मशहूर अशोक मस्ती ने कभी सदी के महानायक सुपरस्टार अमिताभ बच्चन, कभी राजेश खन्ना तो कभी अपने जमाने में थिरकने को मजबूर करने वाले शम्मी कपूर पर फिल्माए गीतों से सबका दिल जीता। उन्होंने अपने आकर्षक अंदाज से न केवल बड़ी चौपाल बल्कि पूरे सूरजकुंड मेला परिसर को मस्तीनुमा बना दिया। मंच के समक्ष मौजूद सभी दर्शक उनके द्वारा गाए गए हर एक गीत पर झूमते नजर आए। उन्होंने अपने पसंदीदा गीतों की झड़ी लगाकर दर्शकों के दिलों पर एक बार फिर अमिट छाप छोड़ी। उनके द्वारा गाए गए पंजाबी गीत ठेकेयां ते निट खडक़े ग्लासी तेरे नाम तेरे नां दी, दमादम मस्त कलंदर अलीदा पहला नंबर, ओ माही यां तैनू चरखा गली दे विच डाल दिया, चुन्नी मेरी रंग दे, ल्लहरिया मेरे यार दे गड्डïी दे रंग दी, गुड़ ना लो ईश्क मिठा गीतों पर दर्शकों को साथ नाचने पर मजबूर किया। 

उन्होंने पंजाबी गीतों के साथ-साथ हिंदी गीतों की भी एक से बढक़र एक शानदार प्रस्तुती दी। उन्होंने राजा हिंदुस्तानी फिल्म का हर किसी की जुबां पर अक्सर आने वाले गीत कितना सोणा तेणु रब ने बनाया- जी करे देखता रहूं, की प्रस्तुति से सबका दिल जीता। दर्शक झूमते हुए कभी शम्मी कपूर के अंदाज में नाचे, तो कभी राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन बने। कभी उन्होंने अपने ही अंदाज में झूमने पर मजबूर किया। उन्होंने हिंदी फिल्म दॉ टे्रन के गीत गुलाबी आंखे जो तेरी देखी- शराबी ये दिल हो गया तथा हिंदी फिल्म तीसरी मंजिल के गीत ओ हसीना जुल्फों वाली जाने जहां- ढूंढती हैं कातिल आंखें किसका निशां, गीत पर दर्शकों की खूब तालियां बटौरी। दर्शकों की किलकारियों ने माहौला को और अधिक खुशनुमा बनाया। 

अशोक मस्ती ने गीतों की प्रस्तुती के साथ-साथ अपनी तरफ से भी झूमते ही दर्शकों को अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और पर्यटन मंत्री डा. अरविंद कुमार शर्मा के निर्देशन में सूरजकुंड के हस्तशिल्प मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से कलाकारों को एक शानदार मंच प्रदान करने पर हरियाणा सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह मेला कलाकारों को विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान कर रहा है।