सूरजकुंड मेला में लोकल फॉर वोकल को प्रदर्शित कर रहे क्रॉकरी आइटम 

-टेबल को सजाने और भोजन को आकर्षक रूप से परोसने के लिए मेला में उपलब्ध हैं क्रॉकरी के सामान

सूरजकुंड (फरीदाबाद), 13 फरवरी।
39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव-2026 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल फॉर वोकल’ से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त रूप से प्रस्तुत कर रहा है। देशभर से आए शिल्पकार अपने हस्तनिर्मित उत्पादों के माध्यम से भारतीय कला, परंपरा और स्वदेशी हुनर को नई पहचान दे रहे हैं। मेले में विशेष रूप से घरों में टेबल सजावट और भोजन परोसने के लिए विभिन्न प्रकार के आकर्षित करने वाले क्रॉकरी आइटम्स पर्यटकों को पसंद आ रहे हैं।

सूरजकुंड शिल्प महोत्सव में अनेक स्टॉल पर क्रॉकरी सामान में मिट्टी, सिरेमिक, टेराकोटा, पीतल और लकड़ी से निर्मित प्लेट, कटोरी, कप, सर्विंग बाउल, ट्रे और डिनर सेट उपलब्ध हैं। ये उत्पाद पारंपरिक डिजाइनों और आधुनिक उपयोगिता का अनूठा संगम प्रदर्शित कर रहे हैं। हस्तनिर्मित क्रॉकरी वस्तुएं पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ सौंदर्यपूर्ण भी हैं, जो घरेलू उपयोग के साथ उपहार के रूप में भी काफी अच्छा विकल्प साबित होते हैं। क्रॉकरी आइटम्स की विविधता और गुणवत्ता लोगों को खूब पसंद आ रही है। सजावटी और उपयोगी दोनों दृष्टि से ये उत्पाद आधुनिक जीवनशैली के अनुरूप हैं। सूरजकुंड मेला में स्वदेशी क्रॉकरी देश के शिल्पकारों की आत्मनिर्भरता को और मजबूत कर रही है।

शिल्पकारों ने बताया कि सूरजकुंड मेला हर वर्ष देश-विदेश के लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता आ रहा है। मेले में आने वाले पर्यटक इन उत्पादों की खरीदारी करने के साथ ही उनकी कला और निर्माण प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मेला आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और अधिक सशक्त बना रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और पर्यटन मंत्री डा. अरविंद कुमार शर्मा के निर्देशन और मार्गदर्शन में आयोजित किए जा रहे सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव ने उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है, जिससे उनके उत्पादों को व्यापक पहचान मिल रही है। इसके लिए उन्होंने हरियाणा सरकार का आभार भी व्यक्त किया।