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एनपीटीआई में आयोजित हुई "विद्युत क्षेत्र में 5जी की भूमिका" पर कार्यशाला
- विद्युत क्षेत्र से जुड़े संस्थानों और इंजीनियरिंग कॉलेजों के सैंकडों प्रतिभागियों ने लिया भाग
फरीदाबाद। सेक्टर-33 स्थित विद्युत मंत्रालय के राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान (एनपीटीआई) में भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के सहयोग से "विद्युत क्षेत्र में 5जी के अनुप्रयोगों" के विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के अंतर्गत विद्युत क्षेत्र में 5जी की भूमिका, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ड्रोन प्रौद्योगिकियों और अन्य नवाचारों के संभावित अनुप्रयोगों पर विचार-विमर्श किया गया। इस वर्कशॉप में मुख्यअतिथि के रूप में दूरसंचार की महानिदेशक श्रीमति सुनीता चन्द्र, एनपीटीआई की महानिदेशक डा. तृप्ता ठाकुर, हरियाणा एलएसए (दूरसंचार लाइसेंसिंग सेवा क्षेत्र) के अपर महानिदेशक श्री आर. शाक्य और एनपीटीआई के प्रधान निदेशक डा. एस सेलवम विशिष्ठ रूप से मौजूद रहे। इस कार्यशाला के संयोजक डॉ. एन. के. श्रीवास्तव ने उपस्थित सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत करते हुए औपचारिक उद्घाटन भाषण प्रस्तुत किया। कार्यशाला की शुरूआत विद्या की देवी मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित करके की गई।
इस कार्यशाला में एनएचपीसी, बीईसीएस, एनटीपीसी, नोएडा पावर कारपोरेशन, पावर ग्रिड, जीवीके और वी-पावर जैसे विद्युत क्षेत्र से जुड़े बड़े संस्थानों के इंजीनियर और जे.सी बोस विश्वविद्यालय, श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी, अरावली कॉलेज, लिंग्याज कॉलेज, सतयुग दर्शन कॉलेज, राजा जैत सिंह पॉलिटेक्निक कॉलेज सहित अन्य इंजीनियरिंग संस्थानों के प्रोफेसरों सहित करीब 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला के अंतर्गत विद्युत क्षेत्र में 5जी की भूमिका और महत्वों के विषय पर आधारित चार महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किये गये। पहला सत्र, विद्युत क्षेत्र में अगली पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकी की भूमिका पर सम्पन्न हुआ। दूसरा सत्र, विद्युत क्षेत्र में कुशल और प्रभावी उपयोग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और 5जी के प्रयोग पर आयोजित हुआ। तीसरे सत्र में बताया गया कि विद्युत क्षेत्र के अंतर्गत ड्रोन का उपयोग कैसे किया जाए और उसके क्या लाभ होंगे। चौथे एवं आखिरी सत्र में बिजली क्षेत्र में नई पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों के कारण उत्पन्न संकट परिदृश्य पर प्रकाश डाला गया।