जापान के अकादमिक प्रतिनिधिमंडल ने जे.सी. बोस विश्वविद्यालय का दौरा किया

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फरीदाबाद, 21 सितम्बर – जापान के एक अकादमिक प्रतिनिधिमंडल ने अनुसंधान तथा अकादमिक सहयोग पर विचार-विमर्श करने के उद्देश्य से जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद का दौरा किया, तथा सिविल तथा पर्यावरणीय इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अनुसंधान सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की।
इस अवसर पर टोक्यो इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जापान के सिविल एवं एनवायरमेंट विभाग इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर सोहिची हिरोसे और एहिमे विश्वविद्यालय, जापान में प्रोडक्शन एवं एनवायरमेंट विभाग के प्रोफेसर ताइजो मारुयामा शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल के साथ कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो. तिलक राज, कम्युनिटी कॉलेज ऑफ स्किल डेवलपमेंट के प्राचार्य डॉ. संजीव गोयल तथा सिविल इंजीनियरिंग तथा पर्यावरण विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के अन्य संकाय सदस्य उपस्थित थे।

बैठक के दौरान कुलपति ने विश्वविद्यालय के बारे में संक्षिप्त परिचय देते हुए कहा कि जे.सी. बोस विश्वविद्यालय तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी विश्वविद्यालय है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का अनुसंधान और विकास गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान है और यह अंतरराष्ट्रीय ख्याति के संस्थानों के साथ मिलकर अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देने के अवसरों का पता लगाने का प्रयास कर रहा है। इसलिए, विश्वविद्यालय ने दुनिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ संवाद करने की पहल की है। अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक समुदाय के साथ संवाद को महत्वपूर्ण बताते हुए कुलपति प्रो. तोमर ने कहा कि इस तरह के संवाद दो देशों के बीच वैचारिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देते है जो अकादमिक और अनुसंधान विकास के लिए जरूरी है।

इस अवसर पर प्रो. तिलक राज ने सिविल इंजीनियरिंग विभाग का संक्षिप्त परिचय दिया। उन्होंने बताया कि विभाग वर्ष 2018 में स्थापित किया गया था और विभाग द्वारा बीटेक और पीएचडी पाठ्यक्रमों की पेशकश की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग एनर्जी जियोस्ट्रक्चर, सस्टेनेबल बिल्डिंग, वाटर रिसोर्स मैनेजमेंट, विंड एंड स्ट्रक्चर इंटरेक्शन, थ्रीडी प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए सेल्फ-कॉम्पैक्टिंग कंक्रीट के एप्लिकेशन और पर्यावरण के संवेदनशील क्षेत्रों के लिए खतरे की भविष्यवाणी जैसे उभरते क्षेत्रों में शोध कार्य को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है।

प्रो. सोहिची हिरोसे ने कहा कि टोक्यो इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जापान में उच्च शिक्षा के सबसे पुराने संस्थानों में से एक है, और यह एक राष्ट्रीय शोध विश्वविद्यालय है। इसमें इंजीनियरिंग और विज्ञान के क्षेत्र में विभिन्न स्कूल, विभाग और अनुसंधान केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि सिविल और पर्यावरण इंजीनियरिंग विभाग इंस्टीट्यूट के पर्यावरण और समाज स्कूल के अंतर्गत आता है। उन्होंने दो संस्थानों के बीच अनुसंधान सहयोग के दायरे की संभावना पर भी चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग एवं पर्यावरण विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभागों के संकाय सदस्यों के साथ बातचीत भी की और सिविल इंजीनियरिंग विभाग में प्रयोगशालाओं और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया।

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