व्हाट्सएप पर झूठी अफवाह, संप्रदायिक तनाव, धर्म, राष्ट्रीयता नस्ल और भाषा के भेदभाव इत्यादि से संबंधित मैसेज फॉरवर्ड करने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही : पुलिस उपायुक्त

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Faridabad News, 14 July 2020 : पुलिस आयुक्त महोदय  ओपी सिंह ने व्हाट्सएप ग्रुप पर गलत सुचना, झूठी खबर, घृणा, जाति, धर्म, नस्ल, का भेदभाव से संबंधित खबर को व्हाट्सएप ग्रुप पर फैलाने वालों पर सख्त कार्यवाही करने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं।

पुलिस आयुक्त महोदय ने कहा कि अक्सर देखने में आता है कि व्हाट्सएप ग्रुप पर लोग गलत संदेश चलाते हैं जोकि झूठे होते हैं, जिससे शातीं भगं होने नफरत फलने का खतरा बना रहता है। ऐशे संदेशों के चलते कई बार कानून व्यवस्था बिगड़ने के संभावना बन जाती हैं।

फरीदाबाद पुलिस द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन और व्हाट्सएप ग्रुप मेंबर्स की जिम्मेदारी के बारे में भी बताया है।

उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप ग्रुपों से प्राप्त फर्जी समाचार एवं अभद्र भाषा इत्यादि को दूसरे व्हाट्सएप ग्रुप पर ना भेजें।कोई भी खबर व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर करने से पहले यह सत्यापित करें कि यह सच है कि नहीं।

*व्हाट्सएप ग्रुप पर ग्रुप मेंबर की जिम्मेदारी*

-ध्यान रहे कि ग्रुप पर कोई भी फेक न्यूज़, घृणा शब्दों एवं अन्य गलत तरह की पोस्ट को ग्रुप पर शेयर ना करें।

-जो भी खबर आपको अन्य किसी ग्रुप मेंबर से प्राप्त होती है उन गलत खबरों को फॉरवर्ड एवं वायरल ना करें।

-अगर आपत्तिजनक कोई भी पोस्ट आपको प्राप्त होती है तो उसी समय इस तरह की पोस्ट को डिलीट कर दें।

-यह सुनिश्चित करें कि जो खबर, फोटो, वीडियो, मेम इत्यादि जो आप ग्रुप पर शेयर करने जा रहे हैं वह सच है कि नहीं।

-अगर आप ग्रुप पर किसी भी तरह की गलत सुचना, झूठी खबर, व्हाट्सएप ग्रुप पर प्राप्त होती है तो उसकी सूचना www.cybercrime.gov.in पर या नजदीकी पुलिस स्टेशन या अपने ग्रुप एडमिन को करें।

-किसी भी तरह की हिंसक, पॉर्नोग्राफिक, जाति और धर्म भेदभाव से संबंधित खबरों को कभी शेयर ना करें।

*व्हाट्सएप ग्रुप पर एडमिन की जिम्मेवारी*

– ग्रुप एडमिन यह सुनिश्चित करें की ग्रुप मेंबर विश्वसनीय एवं जिम्मेदार हो कि वह सिर्फ सत्यापित खबरों को शेयर करें।

– सभी ग्रुप मेंबरों को किसी भी पोस्ट को ग्रुप में शेयर करने से संबंधित नियमो के बारे मे अवगत कराएं।

– सभी ग्रुप मेंबर्स को हिदायत दे कि वह ग्रुप पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री को ग्रुप में शेयर ना करें।

– *ग्रुप एडमिन, ग्रुप में नियमित रूप से सक्रिय रहे और ग्रुप के सदस्यों द्वारा साझा की जा रही सामग्री/ संदेश पर निगरानी रखे।

– ग्रुप एडमिन को सलाह दी जाती है कि यदि ग्रुप कंट्रोल नहीं किया जा रहा है तो ग्रुप एडमिन ग्रुप की सेटिंग बदले जिसमे सिर्फ एडमिन को ही पोस्ट डालने का अधिकार रहे।

– अगर कोई ग्रुप मेंबर आपत्तिजनक सामग्री को सांझा करता है, प्रेषित करता है तो इस बारे में पुलिस को सूचित करें।

ग्रुप एडमिन, ग्रुप मेंबर एवं उपयोगकर्ता आपत्तिजनक पोस्ट करता है तो आईपीसी की धारा 153 ए, 153 बी, 295ए, 505, 188 के अलावा आईटी एक्ट की धारा 66 सी, 66डी, के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी जिसमें दोषी को 3 साल तक की सजा एवं जुर्माना का प्रावधान है।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि इस तरह की कोई भी पोस्ट शेयर नहीं की जाए जिसमें धर्म, राष्ट्रीयता, नस्ल, भाषा और भेदभाव के आधार पर दुश्मनी को बढ़ावा दे। और आपस में भाईचारा खराब हो।

उन्होंने कहा कि आपत्तिजनक संदेश सार्वजनिक व्यवस्था, शालीनता, नैतिकता को बाधित कर सकता है।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि साइबर सेल द्वारा आपत्तिजनक फोटो, वीडियो, समाचार, फेक न्यूज़ कटिंग, फेक मैसेज इत्यादी पोस्ट करने वालो पर निगरानी रख रही है । ऐसे आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

 

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