संगीता आहुजा बनीं ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स की जिलाध्यक्ष

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Faridabad News, 14 July 2020 : पिछले 10 सालों से समाजसेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहीं संगीता आहुजा को ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संगीता आहुजा पेशे से प्रसिद्ध इंटीरियर डिजाइनर हैं तथा इसके अलावा आस एक प्रयास संस्था की प्रदेश अध्यक्षा भी हैं जोकि कैंसर के लिए लोगों को जागरुक करती है। इसके अलावा श्रीमती आहुजा अनेक सामाजिक कार्यों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेती हैं। जिलाध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर संगीता आहुजा ने कहा कि उनकी प्राथमिकता लोगों को मानवाधिकारियों के प्रति जागरुक करना तथा मानवाधिकारियों का हनन करने वाले लोगों के खिलाफ आवाज बुलंद करना होगा। उन्होंने कहा कि वे बिना पक्षपात के काम करने में विश्वास रखती हैं तथा उनका यह प्रयास रहेगा कि पुरुष और महिला के भेद को भूलकर बिना किसी पक्षपात के कार्य करें।

संगीता आहुजा ने कहा कि मानव अधिकार का अर्थ उन सभी अधिकारों से है जो व्यक्ति के जीवन और उसकी स्वतंत्रता, समानता और उसके सम्मान से जुड़े हैं। यह अधिकार भारतीय संविधान के भाग-तीन में मूलभूत अधिकारों के नाम से साफ-साफ लिखे गए हैं। इसके अलावा वो अधिकार जो अंतर्राष्ट्रीय समझौते के बाद संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्वीकार किए गए हैं, उन्हें मानवाधिकार माना जाता है। इन अधिकारों में प्रदुषण मुक्त वातावरण में जीने का अधिकार, पुलिस हिरासत में यातनापूर्ण और अपमानजनक व्यवहार न होने का अधिकार, और महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार का अधिकार शामिल है। संगीता आहुजा ने बताया कि कोई भी पीडित या उसकी ओर से कोई अन्य व्यक्ति आयोग में अपनी याचिका पर सुनवाई और कार्यवाही कर सकता है। इसके अलावा आयोग न्यायालय की स्वीकृति से न्यायालय के सामने लंबित मामलों में हस्तक्षेप कर सकता है। आयोग के पास यह शक्ति है कि वह संबंधित अधिकारियों को पहले से सूचित करके किसी भी जेल का निरीक्षण कर सके। आयोग मानवाधिकारों से संबंधी संधियों पर भी ध्यान देता है और उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार काम करता है।

मानवाधिकार आयोग क्या है
मानव अधिकार आयोग (28 अक्टूबर 1993) के मानवाधिकार अध्यादेश के संरक्षण के तहत गठित की गई एक स्वायत्त और सार्वजनिक संस्था है। इसे मानव अधिकार अधिनियम, 1993 द्वारा एक वैधानिक आधार दिया गया था। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, मानव अधिकारों के संरक्षण और प्रचार के लिए जिम्मेदार है। इस अधिनियम द्वारा परिभाषित जीवन से संबंधित अधिकार, स्वतंत्रता, समानता और संविधान द्वारा गारंटीकृत व्यक्ति की गरिमा या अवतरित अंतर्राष्ट्रीय करार। मानव अधिकार विभिन्न लोगों के लिए अलग-अलग बात है यह स्थैतिक नहीं हैं, बल्कि प्रकृति में गतिशील हैं। नए अधिकार समय-समय पर पहचाने जाते हैं और लागू होते हैं।

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