मक्खन लाल स्वीट्स : एक परम्परा बेहतरीन मिठास की

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New Delhi News , 13 Oct 2019 : स्वादिष्ट व्यंजन खाने के मामले में दिल्लीवालों की तो बात ही कुछ और है! और, ऐसे में अगर बात करें पुरानी दिल्लीवासियों की; तो, किसी भी अच्छे और स्वादिष्ट व्यंजन की परख भला उनसे अच्छा और कौन जानता है! इतिहास में भी पुरानी दिल्ली के लोगों और उनके द्वारा बनाए जाने वाले व्यंजनों के बारे में भी उल्लेखित है।

ऐसे में जब बात हो रही हो स्वादिष्ट व्यंजनों की; तो, भला मीठा खाने वालों की बात न हो! ऐसा तो हो ही नहीं सकता! मीठा खाने वालों को तो जैसे बस! चाहिए होता है, एक वो अवसर या मौका, जब वो अपनी पसंद की या कोई भी नई मिठाई को टेस्ट कर सकें। तो, ऐसे में अगर आप भी सोच रहे हैं कुछ हटकर मीठा टेस्ट करने की; तो, पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक के खारी बावली मॉर्किट में स्थित “राम प्रशाद मक्खन लाल स्वीट्स” नाम की यह छोटी-सी दुकान है आपके लिए एक परफ़ेक्ट जगह!

अंग्रेज़ों के ज़माने से चला आ रहा है सदाबहार टेस्ट!
इस दुकान के मालिक, श्री सिद्धार्थ खंडेलवाल बताते हैं कि यह दुकान उनके परदादा के ज़माने में सन्-1940 से चली आ रही है। इससे पहले सिद्धार्थ के परदादाजी, दादाजी और पिताजी खारी बावली में सड़क पर फड़ लगाकर मिठाई बेचते थे। फिर, समय के साथ-साथ आने वाले बदलावों के अनुसार सन् – 1940 में सबसे पहली बार इस दुकान की नींव रखी गई थी। और फिर धीरे-धीरे इस दुकान को बढ़ाते हुए आज इसी दुकान के ऊपर वाले हिस्से में सिद्धार्थ अपने पिताजी के साथ दुकान का निरीक्षण और प्रबंधन करते हैं।

हर उम्र के लोगों में फेमस हैं यहां की मिठाइयां!
चाहें वो छोटे बच्चे हों या फिर जवान या चाहें फिर बूढ़े ही क्यों न हों! हर उम्र के लोगों के बीच यहां की मठाईयों ने अपनी एक अलग ही जगह बना रखी है।

साथ ही घूमने-फिरने और कुछ मीठा और अनोखा स्वाद चखने के शौक़ीनों के बीच यह दुकान एक मीटिंग पॉइंट की तरह भी काम करती है! शाम के समय अक्सर आप हर उम्र के कुछ हटकर अलग स्वाद के शौक़ीनों को यहां पाएंगे।

कभी-कभी स्टूडेंट्स के लिए अपने नोट्स वगैरह एक्सचेंज करने का अड्डा बन जाती है यह छोटी-सी ख़ास दुकान! जहां दोस्त एक-दूसरे के साथ बैठकर गप्पें लड़ाने के साथ-साथ स्वादिष्ट मिठाइयों का आनंद भी लेते हैं।

यहीं से हुई थी हर-दिल अज़ीज़ मालपुए की शुरुआत दिल्ली में!
श्री सिद्धार्थ बताते हैं कि देश के गुजरात, कर्नाटक, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आसाम, उत्तर प्रदेश, जैसे कई विभिन्न राज्यों की जानी-मानी मालपुआ नाम की इस मीठी और स्वादिष्ट डिश का चलन दिल्ली में सबसे पहली बार इसी दुकान से शुरू किया गया था। यहां के मालपुए की तो बात ही कुछ और है।

सच पूछें! तो, खारी बावली की इस दुकान के आगे से निकलते हुए मालपुए की वो मनमोहक सुगंध अपने आप ही आपको इस दुकान पर आने पर मजबूर कर देती है! यहां के मालपुआ की बात की जाए, तो इसे 100 प्रतिशत शुद्ध देसी घी से तैयार किया जाता है। इस मिष्ठान के स्वाद में थोड़ा तड़का लगाने के लिए काजू, किशमिश, बादाम, पिस्ता, इत्यादि, मिलाए जाते हैं।

रखा जाता है स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी ख़याल!
श्री सिद्धार्थ बताते हैं कि हमारे यहां पर मिठाई, इत्यादि, के स्वाद के साथ-साथ ग्राहकों की सेहत का ख़याल रखने के लिए हम अपनी सभी मिठाइयों को शुद्ध हाथों से तैयार करवाते हैं! इसीलिए, हम मिठाइयों की शुद्धता, पवित्रता और गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए इन्हें अपने सामने ही तैयार करवाते हैं!

हर तरह की मिठाई मिल जाएगी यहां!
खारी बावली आने वाले लोगों के लिए आटे के लड्डू से लेकर रास-मलाई, काजू कतली बर्फ़ी, सोहन हलवा, बालूशाही, रसगुल्ले, गुलाब जामुन, इत्यादि, जैसी हर-दिल अज़ीज़ मिठाईयां यहां मिल जातीं हैं! एक किलो से लेकर 250 ग्राम तक की पैकिंग में आप भी ले जा सकते हैं अपनी पसंद की लाजवाब मिठाई!

कैसे पहुंचें?
यह दुकान खारी बावली बाज़ार में स्थित है। आप चावड़ी बाज़ार या फिर चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन से इस दुकान पर आसानी से पहुँच सकते हैं। या अगर आप यहां किसी भी व्यक्ति से पूछते भी हैं, तो वह आपको अपने आप ही इस दुकान तक छोड़ जाते हैं।

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