इंजीनियरिंग में अंतः विषय अनुसंधान को बढ़ावा देना होगाः कुलपति प्रो. दिनेश कुमार

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Faridabad News, 04 April 2019 : जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ‘मैकेनिकल इंजीनियरिंग में रूझाव व उन्नति’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आज प्रारंभ हो गया। सम्मेलन का आयोजन मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह के उपलक्ष्य में किया गया है। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से 145 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे है।

सम्मेलन का शुभारंभ आज दीप प्रज्वलन तथा सरस्वती वंदना से हुआ, जिसके उपरांत कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने अध्यक्षीय संबोधन दिया। इस अवसर पर रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन में वैज्ञानिक व अतिरिक्त निदेशक डॉ. कुमरेश कुमार गौड मुख्य अतिथि व प्रमुख वक्ता रहे। उद्घाटन सत्र में बोनी पॉलिमर प्राइवेट लिमिटेड फरीदाबाद के प्रबंध निदेशक तथा विश्वविद्यालय के भूतपूर्व छात्र राज भाटिया वशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। सम्मेलन का आयोजन मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष डॉ. तिलक राज व डीन इंस्टीट्यूशन्स डॉ. संदीप ग्रोवर की देखरेख में किया जा रहा है, जिसका संयोजन डॉ. वासुदेव मल्होत्रा, डॉ. राजीव साहा तथा डॉ. संजीव कुमार द्वारा किया जा रहा है।

इस अवसर पर बोलते हुए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्रों में अंतः विषय अनुसंधान के दृष्टिकोण को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। प्राचीन इंजीनियरिंग की अद्वितीय कृति के रूप में ताजमहल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को अभिनव दृष्टिकोण अपनाना होगा तथा अंतः विषय अनुसंधान की सोच के साथ देश के विकास में अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी होगी। कुलपति ने युवा इंजीनियर्स को इंजीनियरिंग के प्रत्येक क्षेत्र में नवीन खोजों के प्रति जागरूक रहने के लिए भी कहा।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. कुमरेश कुमार गौड ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन में प्रयोग होने वाले उन्नत कम्पोजिट व हाइब्रिड सामग्री तथा इसके उपयोग की जानकारी दी।

अपने संबोधन में राज भाटिया ने प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव साझे किये और कहा कि नई प्रौद्योगिकीय उन्नति ने विनिर्माण उद्योग की कार्य प्रणाली को बिल्कुल बदल दिया है। उन्होंने युवा इंजीनियर्स को बदलती तकनीक एवं उन्नति के प्रति जागरूक रहने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि वे इसके प्रति भी जागरूक रहे कि अपने करियर के दृष्टिकोण से बाजार की मांग के अनुरूप सही ज्ञान हासिल कर रहे है अथवा नहीं।

सत्र को संबोधित करते हुए डीन इंस्टीट्यूशन्स डॉ. संदीप ग्रोवर ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग सबसे पुराना विभाग है और विभाग से उत्तीर्ण विद्यार्थी शीर्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रमुख पदों पर कार्य कर रहे है।

इससे पूर्व, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष डॉ. तिलक राज ने प्रतिभागियों को स्वागत किया तथा सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान विभिन्न सात तकनीकी सत्रों में सम्मेलन के चार प्रमुख विषयों पर कुल 89 शोध पत्र प्रस्तुत किये जायेंगे।

इस अवसर पर सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। कुलपति तथा अन्य अधिकारियों द्वारा सम्मेलन में उपस्थित अतिथि एवं गणमान्य व्यक्तियों को पौधा व स्मृति चिह्न भेंट किया गया।

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