इंटरनेट आफ थिंग्स (आईओटी) मॉड्यूल पर छह दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

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Faridabad News, 25 Feb 2020 : जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद द्वारा सीईईआरआई पिलानी के सहयोग से इंटरनेट आफ थिंग्स (आईओटी) मॉड्यूल के प्रशिक्षण पर टीईक्यूआईपी प्रायोजित छह दिवसीय हैंड्स ऑन ट्रेनिंग कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला का संचालन विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग और कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है, जिसमें 50 से ज्यादा प्रतिभागी हिस्सा ले रहे है।

कार्यशाला का उद्घाटन कुलपति प्रो दिनेश कुमार ने किया। उद्घाटन सत्र में सीईईआरआई पिलानी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कोटा सोलेमन राजू उपस्थित थे। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. एस. के. गर्ग, कंप्यूटर एप्लीकेशन विभागाध्यक्ष डॉ. अतुल मिश्रा, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभागाध्यक्षा डॉ. नीलम तुर्क, टीईक्यूआईपी कोर्डिनेटर डॉ. मुनीश वशिष्ठ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों तथा संकाय सदस्यों को आईओटी के अनुप्रयोगों की उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान करना है। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डाॅ. कोटा सोलेमन राजू ने आईओटी एनालिटिक्स एप्लिकेशस की विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगिता पर चर्चा की और बताया कि किस तरह से हेल्थ माॅनिटरिंग सिस्टम, स्मार्ट होम और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में इस प्रौद्योगिकी का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सकता है।

इस अवसर पर बोलते हुए कुलपति प्रो दिनेश कुमार ने कहा कि वर्तमान प्रौद्योगिकी इंटरनेट ऑफ थिंग्स की ओर बढ़ रही है और इस उन्नत तकनीक को लेकर संकाय सदस्यों तथा विद्यार्थियों को अपडेटिड रहने की आवश्यकता है। मौजूदा समस्याओं के समाधान खोजने और सीखने के महत्व पर बल देते हुए कुलपति ने विद्यार्थियों को बहु-विषयक अनुप्रयोगों की जानकारी लेने तथा रोबोटिक्स, इंटरनेट आफ थिंग्स, बिग-डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों को सीखने पर ध्यान केन्द्रित करने का आह्वान किया।

इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की अध्यक्षा डॉ. नीलम तुर्क ने कहा कि कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों के लिए आईओटी से संबंधित कई प्रेरक सत्रों का आयोजन किया जायेगा और उन्हें आईओटी मॉड्यूल के प्रशिक्षण का भी अनुभव मिलेगा। इस अवसर पर सीईईआरआई पिलानी से उपस्थित विशेषज्ञ वक्ताओं में डॉ. गौरव पुरोहित और डॉ. प्रमोद तंवर भी उपस्थित थे।

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