सुभाष चन्द्र बोस जी के विचारों को जीवन में उतारने की आवश्यकता : कृष्ण अत्री

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Faridabad News : आज एनएसयूआई फरीदाबाद के कार्यकर्ताओं ने हरियाणा एनएसयूआई प्रदेश सचिव कृष्ण अत्री के नेतृत्व में महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती पर सेक्टर 16 पंडित जवाहर लाल नेहरू कॉलेज पर श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस दौरान मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष सुनील मिश्रा, विकास फागना, अभिषेक वशिष्ठ मौजूद थे।

इस दौरान एनएसयूआई हरियाणा के प्रदेश सचिव कृष्ण अत्री ने सुभाष चन्द्र बोस जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 23 जनवरी, 1897 में उड़ीसा के कटक शहर में हुआ था। उनके पिता जानकी नाथ बोस प्रख्यात वकील थे। अत्री ने कहा कि नेता जी एक बहुत ही मेधावी छात्र थे । वे चाहते तो उच्च अधिकारी के पद पर आसीन हो सकते थे। परंतु उनकी देश भक्ति की भावना ने उन्हें कुछ कुछ अलग करने के लिए प्रेरित किया और बोस जी देश को आजाद कराने में लग गए।

कृष्ण अत्री ने बताया कि सुभाष चन्द्र बोस ने ‘तुम मुझे खून दो – मैं तुम्हे आजादी दूंगा’ और ‘जय हिंद’ जैसे प्रसिद्ध नारे दिए। साथ ही 1938 और 1939 में कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए तथा 1939 में फॉरवर्ड ब्लाक का गठन किया । उन्होंने कहा कि सुभाष चन्द्र बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रख्यात नेता थे। बोस जी ने अंग्रेजों को भारत से निकालने के लिए 21 अक्टूबर, 1943 को ‘आजाद हिंद फौज’ की स्थापना की।

वही जिला उपाध्यक्ष सुनील मिश्रा और विकास फागना ने सामूहिक रूप से कहा कि सुभाष चन्द्र बोस एक महान नेता थे । नेता अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नही करते, पर उनमें विरोधियों को साथ लेकर चलने का महान गुण था । उन्होंने कहा कि बोस जी मे देशभगति की भावना होने के कारण सेना में भर्ती होने का प्रयास किया परन्त आंखे खराब होने के कारण उनको अयोग्य घोषित कर दिया गया । बोस जी स्वामी विवेकानंद के अनुनायक थे । अपने परिवार की इच्छा के अनुसार वर्ष 1919 में वे भारतीय प्रशासनिक सेवा की तैयारी करने इंग्लैंड चले गए।

इस दौरान रोहित जाजरू, सोनू सिंह, आरिफ खान, उमेश, लक्ष्मण कुमार, विनीत पांडेय, अभिषेक शर्मा, हरिओम, सोनू सैनी, दिनेश कटारिया, पवन कुमार, विकास नागर आदि दर्जनों छात्र मौजूद थे।

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