दिव्यांगजनों को सक्षम व सशक्त बनाना हम सबका नैतिक कर्तव्य … गिफ़्ट

0
273

Faridabad News, 03 Dec 2020 : अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस

सन् 1976 में संयुक्त राष्ट्र आम सभा द्वारा “दिव्यांगजनों के अंतरराष्ट्रीय वर्ष” के रूप में वर्ष 1981 को घोषित किया गया था। प्रतिवर्ष 3 दिसम्बर को विश्व भर में इस दिवस को मनाया जाता है। दिव्यांगजनों के प्रति सामाजिक भेदभाव को मिटाने व उनकी जीवनशैली को और बेहतर बनाने के प्रयासों के साथ इस विषय में जागरूकता को बढ़ावा देने के लिये इस दिवस को खास महत्व दिया जाता है।

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम
भारतवर्ष में “समाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय” द्वारा “दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016” के तहत थैलेसीमिया को भी दिव्यांगता की श्रेणी में शामिल किया गया है। सरकार की ओर से यह निश्चित रूप से ही एक सराहनीय कदम है। सामान्य सोच में हम अक्सर दिव्यांगजन उन लोगों को समझते हैं जिनमें शारीरिक तौर पर हमें किसी प्रकार का कोई विकार नज़र आता है। परन्तु वास्तव में कुछ विकार ऐंसे भी हैं जो हमें प्रत्यक्ष रूप से तो नज़र नहीं आते पर वो उन व्यक्तियों के स्वास्थ व उनकी जीवनचर्या पर असर डालते हैं। थैलेसीमिया भी इसी प्रकार का एक रक्त्तविकार है।

सेवा में समर्पित है गिफ़्ट
अपने जीवन के लिये नियमित रक्त्त आधान पर निर्भर व इसी रक्त्त आधान कर फलस्वरूप शरीर में बढ़ते लौहतत्व के नकारात्मक प्रभाव से महत्वपूर्ण अंदरूनी अवयवों जैसे दिल, जिगर आदि को सुरक्षित रखने हेतु रोज़ाना दवाइयों का सेवन करने वाले थैलेसीमिया ग्रस्त लोगों की सेवा में समर्पित है “ग्लोबली इंटीग्रेटिड फॉउंडेशन फ़ॉर थैलेसीमिया (गिफ़्ट)”।

यह वास्तव में अच्छी बात है कि सरकार ने उक्त अधिनियम के द्वारा थैलेसीमिया रोगियों के लिये कुछ महत्वपूर्ण अधिकारों जैसे शिक्षा, नौकरी में आरक्षण, समाजिक समानता, पेंशन व उनके साथ किसी प्रकार का अनुचित भेदभाव करने पर दोषी को दण्ड आदि प्रावधानों को सुनिश्चित किया है, पर अपनी व्यक्तिगत सोच व अनुभव के आधार पर मैं नहीं यह कदापि मानता कि दिव्यांगजन दूसरे लोगों की अपेक्षाकृत अपने कार्यक्षेत्र में कुशलता व ज्ञान में किसी से कुछ कम होते हैं। यह कहना है गिफ़्ट के संस्थापक व प्रधान मदन चावला का।

सोच बदलनी होगी।
मदन चावला कहते हैं कि ईश्वर की बनाई इस सृष्टि में पूर्ण रूप से दोषहीन कोई भी इंसान नहीं है। विकार हम सब में है – किसी में प्रत्यक्ष दिखने वाले तो किसी में अप्रत्यक्ष। वास्तव में सबसे बड़ी दिव्यांगता तो इंसान की ऐंसी सोच है जो उसे दूसरों के गुणों को नजरअंदाज करने पर बाध्य कर देती है। हमें अपनी ही विकृत सोच बदलनी होगी।

सुहानुभूति नहीं, साथ चाहिये।
डॉक्टर्स, वकील, लेक्चरर्स, फैशन डिज़ायनर्स, मेकअप आर्टिस्ट्स, डांसर्स, सिंगर्स, मोटिवेशनल स्पीकर्स आदि हैं अब थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चे। प्रतिभा के धनी इन थैलसीमिया ग्रस्त बच्चों को किसी की सुहानुभूति नहीं चाहिये। इन्हें चाहिये आपका स्नेह, प्यार व उससे भी ज़्यादा आपका यह विश्वास कि ये बच्चे सिर्फ एक रक्त्त विकार से ग्रसित हैं, परन्तु साहस, जज़्बे व प्रतिभा में किसी से कम नहीं।

सक्षमता और सशक्तिकरण का सफर।
सरकार, गैर सरकारी संगठनों, संस्थानों व उदार व्यक्तियों के सहयोग से थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चों के लिये रक्त्त की उपलब्धि, दवाइयों व सामान्य जाँचों की सुविधा आदि के प्रावधानों में सुधार हो रहा है। इन सबसे आगे, गिफ़्ट थैलेसेमिया फॉउंडेशन का योग्य प्रयास थैलेसीमिया बच्चों को सक्षम व सशक्त बनाने का भी है। हम चाहते हैं कि विशेषकर आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों से सम्बन्ध रखने वाले बच्चे आत्मनिर्भर व स्वाभिमानी बनें। इसके लिये हम निरन्तर उनके लिये उपयुक्त स्वरोज़गार व नौकरी आदि के अवसर की तलाश में जुटे रहते हैं। सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ने की शुरुआत हो चुकी है। सफर बेशक कठिन और लम्बा है, परन्तु हमारे हौंसले कई गुणा बुलंद हैं, कहते हैं चावला।

कुछ करिये, कुछ करिये।
हमारा सबसे विनम्र आग्रह है कि अन्तराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर आज थैलेसीमिया के नाम पर आप कुछ ना कुछ ज़रूर कीजिये। आप रक्त्तदान कर सकते हैं, दवाइयों व जाँच आदि के लिये गिफ़्ट संस्था को कुछ आर्थिक सहयोग दे सकते हैं, अपना नाम एक स्टैम सैल डोनर के रूप में पंजीकृत करवा सकते हैं, थैलेसीमिया की रोकथाम के बारे में जागरूकता फैलाने हेतु आप हमारे वॉल्युन्टीयर्स बन सकते हैं, अपने मित्रों परिजनों व परिचितों को गिफ़्ट संस्था के डिजिटल सोशियल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, व्हाट्सऐप, ट्विटर, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, यूट्यूब, स्नैपचैट आदि से जोड़ सकते हैं।

तरीके बहुत हैं हमारी मदद करने के, आप को जो पसंद आये वो चुनिये। जितना कर सकते हैं, उतना ही करिये। पर करिये ज़रूर।

थैलेसीमिया के बारे में अधिक जानकारी हेतु सम्पर्क सूत्र :- मदन चावला, अध्य्क्ष – गिफ़्ट, +91 9811089975.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here