एम्स दिल्ली अपने एडवांस कोविड-19 वार्ड में मिलग्रो के रोबोट को तैनात करेगा

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New Delhi News, 21 April 2020 : भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली कोविड-19 के बढ़ते मामलों से जूझ रही है, ऐसे में भारत के नंबर-1 उपभोक्ता रोबोटिक्स ब्रांड मिलग्रो ने एम्स, दिल्ली के साथ अपने साझा प्रयासों की घोषणा की है ताकि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच महामारी फैलने को रोका जा सके। इस प्रयास के तहत इसके एडवांस एआई-पावर्ड रोबोट – मिलग्रो आईमैप 9 और ह्यूमनॉइड ईएलएफ – का परीक्षण एम्स दिल्ली के एडवांस कोविड-19 वार्ड में किया जाएगा।

भारत में निर्मित मिलग्रो आईमैप 9 फर्श को कीटाणुरहित करने वाला रोबोट है जो बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के नेविगेट होता है और फर्श साफ कर सकता है। यह सोडियम हाइपोक्लोराइट घोल का उपयोग करके फर्श की सतह पर कोविड पोर्स को नष्ट कर सकता है, जिसकी अनुशंसा आईसीएमआर ने की है। यह रोबोट बिना गिरे खुद ही चलता है और अपना रास्ता खुद ही बाधाओं से बचते हुए बनाता है, एलआईडीएआर द्वारा गाइडेड और एडवांस एसएलएएम टेक्नोलॉजी से लैस है। मिलग्रो की पेटेंटेड रियल टाइम टैरेन रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी (आरटी2आरटी) 360 डिग्री, रियल टाइम में फ्लोर मैप बनाने के लिए प्रति सेकंड 6 गुना स्कैन करती है, वह भी 16 मीटर दूरी पर 8मिमी तक की सटीकता के साथ। यह आईमैप 9 को पहले प्रयास में सफलतापूर्वक प्रदर्शन करने में सक्षम बनाता है, जबकि अन्य रोबोट को इसमें दो से तीन गुना समय लग सकता है। इसके अलावा, रोबोट ज़ोनिंग कर सकता है, अवॉइडेबल क्षेत्रों में वर्चुअल ब्लॉकिंग और विशिष्ट आवश्यकताओं के आधार पर ज़ोन की सिक्वेंशियल क्लीनिंग कर सकता है।

मिलग्रो ह्यूमनॉइड ईएलएफ डॉक्टरों को बिना व्यक्ति-से-व्यक्ति के संपर्क से संक्रामक कोविड-19 रोगियों की निगरानी और बातचीत में सक्षम बनाता है, जिससे ट्रांसमिशन का जोखिम काफी कम रहता है। आइसोलेशन वार्डों में ऊब रहे रोगी इस रोबोट के माध्यम से समय-समय पर अपने रिश्तेदारों से बातचीत कर सकते हैं। ह्यूमनॉइड ईएलएफ वार्ड के चारों ओर स्वतंत्र रूप से नेविगेट हो सकता है और हाई डेफिनेशन वीडियो और ऑडियो में गतिविधियों को रिकॉर्ड कर सकता है। 8 घंटे की बैटरी लाइफ की पेशकश करते हुए यह लगभग 2.9 किमी प्रति घंटे की यात्रा कर सकता है, 92 सेंटीमीटर लंबा है, इसमें साठ से अधिक सेंसर, एक 3डी और एक एचडी कैमरा, और 10.1″ डिस्प्ले स्क्रीन है। एडवांस ह्यूमनॉइड में भावनाएं प्रदर्शित करने वाली आंखें हैं, ओपन एपीआई और कस्टमाइजेशन विकसित हो रहा है। मिलग्रो आईमैप 9 और ह्यूमनॉइड ईएलएफ ऑटो चार्जिंग सुविधा के साथ आते हैं।

इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा, “नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में मिलग्रो फ्लोर रोबोट आईमैप 9.0 और मिलग्रो ह्यूमनॉइड को आजमाया जाएगा।”

2007 से ऑपरेशनल मिलग्रो भारत में कंज्यूमर रोबोटिक्स स्पेस में सबसे आगे है। 2016 में इसके “ह्यूमनटेक” डिवीजन ने भारत के पहले ड्राई और वेट 3डी मैपिंग फ्लोर क्लीनिंग रोबोट सहित कई इंटेलिजें रोबोट सफलतापूर्वक लॉन्च किए हैं। एम्स दिल्ली के साथ साझेदारी के जरिये मिलग्रो अब कोरोनावायरस के प्रकोप को भारत में रोकने के प्रयासों में योगदान देने के लिए तत्पर है।

मिलग्रो के संस्थापक चेयरमैन राजीव कारवाल ने कहा, “कोरोना महामारी से लड़ने के प्रयास में एम्स की मदद करने को लेकर मिलग्रो रोबोट्स बहुत खुश हैं। वास्तविक परिस्थितियों में मिलने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर अधिक उत्पाद विकसित करने के लिए हम मिलकर काम करेंगे। संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए), चीन और इटली जैसे देशों ने कोविड-19 रोगियों के इलाज में मानवीय हस्तक्षेप कम करने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं में पहले ही एआई-बेस्ड रोबोटों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। भारत भी अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोनावायरस से इस लड़ाई में राहत प्रदान करने के लिए इस मॉडल को दोहरा सकता है। प्रकोप खतरनाक रूप से बढ़ रहा है और ऐसे में हमारे अत्याधुनिक रोबोट वायरस को फैलने से रोकने और डॉक्टरों, नर्सों और देखभाल करने वालों को संक्रमित होने से बचाने में मदद करेंगे।”

मिलग्रो के बारे में
मिलग्रो बिज़नेस एंड नॉलेज सॉल्यूशंस की स्थापना राजीव कारवाल ने 2007 में की थी और 2011 में एआई रोबोटिक्स के क्षेत्र में इसने पदार्पण किया था। सर्विस और कमर्शियल रोबोट्स के क्षेत्र में इसे कई फर्स्ट का श्रेय है। इसमें फेसिलिटी मैनेजमेंट, हॉस्पिटेलिटी, एजुकेशन, हेल्थकेयर, रिटेल के साथ-साथ बैंकिंग के लिए रोबोट हैं।

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