मृत्यु के बाद अंगदान से बड़ा कोई दान नहीं : कविता जैन

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Sonipat News : शहरी स्थानीय निकाय, महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने कहा कि जीते जी रक्तदान और मरने के बाद अंगदान से बड़ा कोई दान नहीं होता। इसलिए हमें समाज में रक्तदान व अंगदान के लिए लोगों को प्ररित करना होगा और जागरूकता अभियान चलाना होगा। श्रीमती जैन रविवार को छोटूराम धर्मशाला में समाज कल्याण शिक्षा समिति एवं दृष्टि सेवा समिति द्वारा आयोजित 8वें विश्व अंगदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रही थी।

श्रीमती जैन ने कहा कि अगर कोई एक यूनिट रक्तदान करता है तो यह रक्त एक जरूरतमंद व्यक्ति के काम आ सकता है। क्योंकि रक्त का किसी फैक्ट्री में उत्पादन नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने के कुछ दिन बाद ही शरीर में इसकी पूर्ति हो जाती है इसलिए रक्तदान की मुहिम को हमें एक आंदोलन का रूप देना होगा। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि ऐसे हजारों लोग हैं जो विभिन्न अंगों की कमी के चलते असमय मृत्यु का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में अगर मृत्यु के बाद अंगदान का संकल्प लें तो इससे लाखों लोगों की जान को बचाया जा सकता हैै। कार्यक्रम में उपायुक्त विनय सिंह ने संबोधित करते हुए सभी को शिविर आयोजित करने की बधाई दी और कहा कि प्रत्येक व्यक्ति रक्तदान करने का संकल्प ले, ताकि अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि शहर के युवा मिलकर एक ऐसी चेन तैयार करें कि हम तत्काल जरूरतमंदों के काम आ सकें।

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