‘मैकेनिकल इंजीनियरिंग में नवीनतम रूझाव व उन्नति’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न

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Faridabad News, 05 April 2019 : जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ‘मैकेनिकल इंजीनियरिंग में नवीनतम रूझाव व उन्नति’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आज संपन्न हो गया। सम्मेलन में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नये अनुसंधान चर्चा के केन्द्र बिन्दु रहे, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए नवीन प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। सम्मेलन का आयोजन मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह के उपलक्ष्य में किया गया था, जिसमें लगभग 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के समापन सत्र में स्टार वायर (इंडिया) लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक डाॅ. एस.के. गोयल मुख्य अतिथि रहे। सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने की। इस अवसर पर मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष डाॅ. तिलक राज तथा डीन इंस्टीट्यूशन्स डाॅ. संदीप ग्रोवर भी उपस्थित थे।

सत्र को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नये इनोवेशन हो रहे है, जिससे निरंतर प्रौद्योगिकी विकसित हो रहा है। युवा इंजीनियर्स को नये प्रौद्योगिकीय बदलावों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है ताकि वे बाजार की जरूरत के अनुरूप रोजगार के लिए खुद को सक्षम बना सके। प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे विकास के कारण आज शोधकर्ताओं के लिए जरूरत इस बात की है कि संबंधित क्षेत्रों में हो रही नई खोज व अनुसंधान पर नजर रखे और इसका गहन अध्ययन करें ताकि नये अनुसंधानों को बढ़ावा मिले। उन्होंने आशा जताई कि यह सम्मेलन प्रतिभागियों को भविष्य की प्रौद्योगिकी के लिए नये अनुसंधान कार्यों के लिए प्रेरित करेगा।

सत्र को संबोधित करते हुए डाॅ. एस.के. गोयल ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में नवीनतम रूझाव व उन्नति विषय पर राष्ट्रीय आयोजन करवाने के विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नवीन प्रौद्योगिकीय विकास से विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से बदलाव आ रहा है और इन बदलावों के प्रति युवा इंजीनियर्स को जागरूक रहना होगा।

इस अवसर पर सम्मेलन के आयोजक सचिव डाॅ. संजीव गोयल ने दो दिवसीय सम्मेलन की कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दौरान प्राप्त हुए 89 शोध पत्रों को विभिन्न समानांतर तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत किया गया और सात शोध पत्र सर्वश्रेष्ठ चुने गये। सत्र के समापन पर सम्मेलन के संयोजक डाॅ. वासुदेव मल्होत्रा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। सभी प्रतिभागियों को कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने प्रमाण पत्र प्रदान किये। सत्र का संचालन डाॅ. राजीव साहा द्वारा किया गया। अंत में कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट किया गया।

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