70 दिन बाद कैथल में खुले राम रहीम के डेरे, डेरा समर्थकों का आना शुरू

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Kaithal News : डेरा सिरसा सौदा के बाबा राम रहीम गुरमीत सिंह को 2 साध्वियों के साथ यौन शोषण के मामले में सजा सुनाए जाने के बाद पूरे प्रदेश में हुई हिंसा के बाद सील किए गए कैथल सहित हरियाणा के विभिन्न जिलों के सभी डेरों को खोल दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा कैथल जिले के 12 डेरे खोले गए हैं।

डेरे खुलते ही श्रद्धालुओं ने साफ-सफाई शुरू कर दी। कैथल में हिसार-चण्डीगढ़ नैशनल हाईवे मार्ग पर स्थित 2 मुख्य डेरों की चाबियां जिला प्रशासन ने समर्थकों को दे दी और यह उनसे लिखित में ले लिया है। यहां राम खुश्बू आश्रम को जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डी.डी.पी.ओ.) एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट कंवर धमन सिंह ने सिविल लाइन थाना प्रभारी जसवंत सिंह के साथ डेरे में जाकर समर्थकों को डेरे की चाबी सौंपी।

डी.डी.पी.ओ. का कहना था कि डी.सी. के आदेश पर उन्होंने पुलिस टीम के साथ जाकर डेरे खोल दिए हैं और उनकी चाबियां समर्थकों एवं कमेटी सदस्य करनैल सिंह, जयकरण व बनवारी आदि को सौंपी दी है।

70 दिन बाद खुली राम रहीम के डेरों की सील
राम रहीम सिंह के डेरों पर पिछले करीब अढ़ाई माह से लगी सील आखिरकार प्रशासन ने खोल दी। उपमंडलाधीश जगदीप सिंह के निर्देश पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र कुमार और नायब तहसीलदार प्रकाशचंद पुलिस सुरक्षा बलों के साथ बाद कलायत स्थित नामचर्चा घर में पहुंचे।अधिकारियों ने अनुयायियों की मौजूदगी में डेरे के चप्पे-चप्पे की वीडियोग्राफी करते हुए तमाम स्थानों पर लगाई गई सील को खोला।

इस दौरान ड्यूटी मैजिस्ट्रेट और नायब तहसीलदार ने सिलसिलेवार प्रत्येक सामान से अनुयायियों को रू-ब-रू करवाया। उल्लेखनीय है कि गत 26 अगस्त को प्रशासन द्वारा किए गए मुआयने के दौरान ग्रीन एस. वैल्फेयर फोर्स विंग कार्यालय के अंदर डेरामुखी की शीशे में उतारी गई एक पौषाक व 2 जोड़ी जूतियां मिलीं थी।

स्थानीय साध संगत ने इसे डेरा सिरसा में रू-ब-रू कार्यक्रम के दौरान खरीदा। जैसे ही अधिकारियों द्वारा नाम चर्चा घर की सील को खोला गया तो डेरा की साध संगत में खुशी की लहर दौड़ गई।

कैथल में यहां खोले गए डेरे
जिला प्रशासन ने कैथल जिले के 12 डेरों को खोल दिया है। इनमें सीवन, कोटड़ा, जाजनपुर, कलायत, चीका, घघड़पुर, गुहला, खरौदी गेट, सलेमपुर, फतेहपुर, पट्टी गादड़, शेरगढ़ स्थित डेरे शामिल हैं।डेरा खुलते ही पहुंचे श्रद्धालु प्रशासन द्वारा जैसे ही कैथल जिले में डेरे खोले गए वहां पहले से डेरा समर्थक जमा हो गए थे।

डेरे का मुख्य द्वार खुलते हुए डेरा प्रेमी वहां व्यवस्था को ठीक करने में जुट गए। हर कोई काम करने में जुट गया। किसी के साथ में झाडू थी तो किसी के हाथ में कस्सी थी। गुरमीत के समर्थकों ने डेरे की साफ-सफाई का काम शुरू कर दिया। डेरे में उगी झाडिय़ां, घास की कटाई शुरू कर दी गई।

हालात सामान्य तो खोले गए डेरे : उपायुक्त
डी.सी. सुनीता वर्मा ने बताया कि डेरा प्रेमियों ने मुझसे प्रार्थना की थी कि बाबा को जेल जाने के बाद अब कोई विवाद नहीं रहा है। इसलिए डेरों पर लगाए गए ताले खोले जाएं और उनका संचालन श्रद्धालुओं को सौंपा जाए। इस पर उसने श्रद्धालुओं के आवेदन को पुलिस अधीक्षक को फारवर्ड किया था। इसके बाद ही आज डेरे खोल गए हैं।

इस संदर्भ में जब डी.सी. सुनीता वर्मा से पूछा गया कि क्या यह हाईकोर्ट या सरकार के आदेश हैं तो उन्होंने कहा कि किसी के आदेश नहीं है। डेरा प्रेमियों की अपील पर ही डेरे खोल गए हैं। पहले यह डेरे जिले में कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए बंद किए गए थे। अब हालात सामान्य हो चुके हैं।

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